MeToo के बाद भी सुरक्षित नहीं हैं महिलाएं? फातिमा ने इंडस्ट्री की सच्चाई उजागर की!
Published on 6 August 2025बॉलीवुड अभिनेत्री फातिमा सना शेख ने हाल ही में एक इंटरव्यू में MeToo आंदोलन और फिल्म इंडस्ट्री में यौन शोषण के मामलों पर खुलकर बात की।

उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री को पूरी तरह गलत ठहराना उचित नहीं है, लेकिन यहां भी कई बार हालात ऐसे बन जाते हैं जहां निजी और पेशेवर सीमाएं धुंधली हो जाती हैं। फातिमा ने बताया कि MeToo आंदोलन के बाद इंडस्ट्री में बहुत कुछ बदला है। अब लोग अधिक जागरूक और सतर्क हो गए हैं। सेट पर अब PoSH (Prevention of Sexual Harassment) से जुड़े ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जाते हैं और OTT प्लेटफॉर्म्स जैसे नेटफ्लिक्स व अमेज़न पर विशेष
सावधानियां बरती जाती हैं। हालाँकि फातिमा ने यह स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी प्रत्यक्ष यौन उत्पीड़न का अनुभव नहीं किया, लेकिन कई बार कुछ असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना बताया कि कई बार उन्हें ऐसे पलों से गुजरना पड़ा जहां उन्हें अपनी सुरक्षा और गरिमा की रक्षा स्वयं करनी पड़ी। एक घटना का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति द्वारा छूने पर उन्होंने उसे थप्पड़ मार दिया था। यह घटना उनके आत्मविश्वास और साहस को दर्शाती है।
फातिमा ने इस बात को भी रेखांकित किया कि ये समस्याएं केवल फिल्म इंडस्ट्री तक सीमित नहीं हैं। कॉरपोरेट ऑफिस, स्कूल, कॉलेज, और अन्य कार्यस्थलों पर भी महिलाएं इसी प्रकार की चुनौतियों से जूझती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में महिलाओं को अक्सर उनके कपड़ों या बोलचाल को लेकर जज किया जाता है, जबकि गलतियों की जड़ें कहीं और होती हैं।
अंततः फातिमा का मानना है कि MeToo आंदोलन ने समाज को एक नई दिशा दी है। यह सिर्फ महिलाओं की आवाज नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति की लड़ाई है जो अपने आत्मसम्मान के लिए खड़ा होना चाहता है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि इस मुद्दे पर खुलकर बात करें, क्योंकि बदलाव तभी आएगा जब हम डरना बंद करेंगे और सच का सामना करेंगे।