18 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने दी राहत, नागपुर जेल से बाहर निकले पूर्व विधायक और डॉन अरुण गवली
Published on 3 September 2025
नागपुर। (सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार)अंडरवर्ल्ड की दुनिया का चर्चित चेहरा और कभी मुंबई का बड़ा नाम रहे अरुण गवली को आखिरकार सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। बुधवार को वे नागपुर सेंट्रल जेल से 18 साल बाद रिहा हुए। गवली को 2012 में विशेष मकोका अदालत ने शिवसेना पार्षद कमलाकर झमकर की हत्या की साजिश रचने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
पिछले कई वर्षों से गवली ने अपनी तबीयत और बढ़ती उम्र का हवाला देते हुए जमानत की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने दलीलों को स्वीकार करते हुए उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। रिहाई के बाद नागपुर जेल के बाहर भारी संख्या में समर्थक और मीडिया कर्मी मौजूद थे। गवली सीधे नागपुर एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से मुंबई रवाना हो गए।
गवली को कभी मुंबई में "डैडी" के नाम से जाना जाता था। आपराधिक पृष्ठभूमि के बावजूद वे राजनीति में भी सक्रिय रहे और 2004 में विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने।
गवली की रिहाई के बाद एक ओर जहां उनके समर्थकों में खुशी की लहर है, वहीं झमकर परिवार और उनके समर्थकों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर नाराज़गी जताई है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या गंभीर अपराधों में दोषी ठहराए गए लोगों को इतनी आसानी से राहत मिलनी चाहिए।